बीएसएनएल कर्मचारियों को 05-04-2023 को नई दिल्ली में होने वाली मजदूर किसान रैली में क्यों भाग लेना चाहिए ?
सरकार ने बीएसएनएल कर्मचारियों के वेज रिवीजन को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि बीएसएनएल घाटे में चल रही है। लेकिन, बीएसएनएल घाटे में क्यों चल रहा है ? यह केवल सरकार की नीतियों के कारण है। मोदी सरकार बीएसएनएल की 4G सेवा के आरंभ में अड़ंगा लगा रही है। केवल सरकार की बीएसएनएल विरोधी नीतियों के कारण बीएसएनएल अपना 4G सेवा शुरू नहीं कर सका। लेकिन, तमाम प्राइवेट कंपनियां अपनी 5G सेवा का आरंभ कर रही हैं। सरकार की नीति बीएसएनएल को एक बीमार कंपनी में बदलना और उसके बाद इसे अडानी या अंबानी जैसे किसी कॉर्पोरेट को सौंप देना है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कैसे एयर इंडिया को सस्ते दाम पर टाटा के हाथों बेच दिया गया। सरकार एलआईसी, बैंक, तेल कंपनियों आदि सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण के लिए गंभीर कदम उठा रही है। वहीं, भारत के बड़े कॉर्पोरेट सरकार की कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के कारण सुपर प्रॉफिट कमा रहे हैं। उदाहरण के लिए, 2014 में अडानी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 140वें स्थान पर था। लेकिन मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। साथ ही मजदूरों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, असंगठित मजदूरों आदि को गरीबी में धकेला जा रहा है। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा के लिए और सरकार की मजदूर विरोधी, जनविरोधी और कारपोरेट समर्थक नीतियों को हराने के लिए मजदूरों और किसानों की एक विशाल रैली (मजदूर किसान रैली) दिनांक 05.04.2023 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इस रैली में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बैंक, एलआईसी और बीएसएनएल के कर्मचारी भी हिस्सा ले रहे हैं । BSNLEU बीएसएनएल कर्मचारियों से इस रैली में व्यापक रूप से भाग लेने का आह्वान करता है।
Government has rejected Wage Revision to BSNL employees, saying that BSNL is running into loss. But, why BSNL is running into loss? It is only because of government’s policies. The Modi government is creating hurdles in BSNL’s 4G launching. BSNL could not start it’s 4G only because of the government’s anti-BSNL policies. But, all the private companies are launching their 5G service. Government’s policy is to convert BSNL into a sick company and thereafter hand it over to some corporate, like Adani or Ambani. We should not forget how Air India was sold to TATA at cheap rate. The government is taking serious steps to privatise all the Public Sector companies including LIC, Banks, Oil companies, etc. At the same time, India’s big corporates are earning super profits, because of government’s pro-corporate policies. For example, in the list of world’s richest persons, Adani was in 140th place in 2014. But, during the 9 year period of Modi government, Adani has become world's 2nd richest man. At the same time, the workers, kisans, agricultural workers, unorganised workers, etc., are being pushed into poverty. To protect the Indian Public Sector and to defeat government’s anti-worker, anti-people and pro-corporate policies, a massive rally of workers and kisans (Mazdoor Kisan rally) is being organised at New Delhi on 05.04.2023. Central Government, State Government, Bank, LIC and BSNL employees are also participating in this rally. BSNLEU calls upon the BSNL employees to massively participate in this rally.
मजदूर किसान रैली के संबंध में आज दिनांक 18.02.2023 को आयोजित समन्वय समिति बैठक के निर्णय।
BSNLEU, एआईबीडीपीए और बीएसएनएलसीसीडब्ल्यूएफ की समन्वय समिति (सीओसी) की बैठक आज 18.02.2023 को ऑनलाइन आयोजित की गई। बैठक में मजदूर किसान रैली की मांगों को लोकप्रिय बनाने के लिए निम्नलिखित अभियान कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
A. 24.02.2023 को प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की जानी है।
B. जिला स्तरीय सम्मेलनों का आयोजन दिनांक 10.03.2023 को किया जाना है।
C. कर्मचारियों से मुलाकात कार्यक्रम दिनांक 13.03.2023 से 18.03.2023 तक आयोजित किया जाना है।
D. नुक्कड़ सभाओं का आयोजन दिनांक 27.03.2023 से 31.03.2023 तक किया जाना है।
धरना व गेट मीटिंग की तिथि बदली गई है। इसके अलावा, डिस्ट्रिक्ट जनरल बॉडी की बैठकों के बजाय, समन्वय समिति द्वारा जिला स्तरीय सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। सभी साथियों से अनुरोध है कि तारीख और कार्यक्रम में हुए बदलावों को नोट कर लें। समन्वय समिति के फैसलों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिये ।
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