16 - Jan - 2025

Hindi translation of "Giving promotions on completion of every 5 years to the Executives and giving promotions to the Non-Executives on completion of every 8 years is nothing but giving one type of treatment to the white-skinned people and giving another type of treatment to the black-skinned people – argued Com.P.Abhimanyu, GS, BSNLEU, in the National Council meeting."

प्रत्येक 5 वर्ष पूर्ण होने पर एक्ज़िक्यूटिव्स को पदोन्नति देना तथा प्रत्येक 8 वर्ष पूर्ण होने पर नॉन एक्ज़ीक्यूटिव्स को पदोन्नति देना गोरी चमड़ी वाले लोगों के साथ एक प्रकार का व्यवहार तथा काली चमड़ी वाले लोगों के साथ दूसरे प्रकार का व्यवहार करने के अलावा और कुछ नहीं है - नेशनल काउंसिल की बैठक में BSNLEU के महासचिव  पी. अभिमन्यु ने तर्क दिया।

 एक्ज़ीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी (ईपीपी) के अनुसार एक्ज़िक्यूटिव्स को प्रत्येक 5 वर्ष पश्चात पदोन्नति मिलती है। लेकिन नॉन एक्ज़ीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी (एनईपीपी) के अनुसार नॉन एक्ज़ीक्यूटिव्स को प्रत्येक 8 वर्ष पूर्ण होने पर ही पदोन्नति मिलती है। BSNLEU लंबे समय से मांग कर रहा है कि ईपीपी तथा एनईपीपी के बीच भेदभाव को समाप्त किया जाए। उल्लेखनीय है कि BSNLEU ने इस भेदभाव के समाधान की मांग को लेकर अनेक संघर्ष किए हैं। 13.01.2025 को आयोजित नेशनल काउंसिल की बैठक में BSNLEU द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया। बैठक की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. कल्याण सागर निप्पानी ने की। इस मुद्दे पर BSNLEU के महासचिव साथी पी.अभिमन्यु ने तर्क प्रस्तुत किए। महासचिव ने पूछा, "जब एक्ज़िक्यूटिव्स को हर 5 साल पूरे होने पर पदोन्नति मिलती है, तो नॉन एक्ज़ीक्यूटिव्स को 8 साल पूरे होने पर ही पदोन्नति क्यों दी जानी चाहिए ?" उन्होंने आगे कहा कि एक्ज़ीक्यूटिव्स को हर 5 साल पूरे होने पर पदोन्नति देना और नॉन एक्ज़ीक्यूटिव्स को हर 8 साल पूरे होने पर ही पदोन्नति देना, गोरी चमड़ी वाले लोगों के साथ एक तरह का व्यवहार और काली चमड़ी वाले लोगों के साथ दूसरे तरह का व्यवहार करने के अलावा और कुछ नहीं है। डॉ. कल्याण सागर निप्पानी, निदेशक (मानव संसाधन) ने नॉन एक्ज़िक्यूटिव्स के दर्द और पीड़ा को समझा। उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए। निश्चित रूप से, यह एक बड़ी सफलता है। BSNLEU, निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. कल्याण सागर निप्पानी के मानवीय दृष्टिकोण के लिए तहे दिल से धन्यवाद देता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि समयबद्ध पदोन्नति के मामले में एक्ज़िक्यूटिव्स और नॉन एक्ज़ीक्यूटिव्स के बीच भेदभाव जल्द ही खत्म हो जाए।