17 - Sep - 2020

Hindi translation of "Why the "PM CARES" Fund is covered by iron curtains?"

"पीएम केयर्स" फण्ड लौह आवरण से आच्छादित क्यों ?....

राष्ट्र को बताया गया है कि "पीएम केयर्स"  फण्ड कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए बनाया गया है।  बहरहाल, इस फण्ड को लेकर कई तरह के विवाद सामने आ रहे हैं। यह भी चिंतनीय तथ्य है कि "पीएम केयर्स" फण्ड का ऑडिट करने का अधिकार CAG को भी नही है। साथ ही, "पीएम केयर्स" फण्ड के एकाउंट्स के संबंध में RTI प्रश्न भी नही किया जा सकता है। इसका आशय यह है कि "पीएम केयर्स" फण्ड पूर्ण रूप से लौह आवरण से आच्छादित है और इसकी गतिविधियां बेहद गोपनीय हैं। क्यों ?

यह एक जाहिर रहस्य (open secret) है कि सरकार द्वारा सभी PSUs को  "पीएम केयर्स" फण्ड में डोनेशन देने के लिए दबाव बनाया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार 55 PSUs पर, "पीएम केयर्स" फण्ड में  धनराशि का योगदान देने हेतु दबाव निर्मित किया गया है। इनमें से अकेले 38 PSUs द्वारा दिया गया डोनेशन ही रु 2,105 करोड़ बनता है। केंद्रीय मंत्रियों ने अपने आफिशियल प्रभाव का उपयोग करते हुए "पीएम केयर्स" फण्ड में डोनेशन देने के लिए PSUs को बाध्य किया है। BSNL में भी इस फण्ड के लिए कर्मचारियों के वेतन से एक दिन के वेतन की कटौती की गई थी। कुछ PSUs द्वारा दिए गए डोनेशन्स का विवरण निम्नानुसार है।

  1. ONGC           – Rs.300 crore
  2.   NTPC          – Rs.250 crore
  3.   Indian Oil     – Rs.225 crore
  4.   Power Grid  – Rs.200 crore
  5.   Power Fin    – Rs.200 crore
  6.   NMDC         – Rs.155 crore
  7.   REC             – Rs.150 crore
  8.   BPCL           – Rs.125 crore
  9.   HPCL           – Rs.120 crore
  10.   Coal India  – Rs.100 crore

 

"पीएम केयर्स" फण्ड के लौह आवरण (अति गोपनीयता) से हमें केवल निम्न मुहावरा याद आता है।

"सत्ता भ्रष्टाचार पनपाती है और निरंकुश सत्ता, पूर्ण रूप से दूषित कर देती है।"

 

(" Power corrupts and 
absolute power corrupts absolutely".)