Hindi translation of "Unlocking BSNL's Gold Mine.."
बीएसएनएल के स्वर्ण खजाने का ताला खोलिए...
DoT और माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा यह कहा जा रहा है कि बीएसएनएल घाटे में चल रहा है और उसके लिए कर्मचारियों का 15%फिटमेंट के साथ वेतन संशोधन करना संभव नही होगा। हमें यह समझना चाहिए कि DoT द्वारा बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति को केवल कर्मचारियों को 3rd पे रिवीजन न देने के लिए कमजोर बताया जा रहा है। ईमानदारी से कहें तो, सरकार बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में सुधार और उसके उन्नयन के लिए कोई कदम नही उठा रही है। बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम, जिसका बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में सुधार में महत्वपूर्ण योगदान होगा, का आवंटन सरकार द्वारा नही करना इसका स्पष्ट उदाहरण है। इतना ही नही, सरकार बीएसएनएल को उसका उपयोग करने की अनुमति नही दे रही है जिसे हम "बीएसएनएल की सोने की खान" कह सकते हैं। जी हाँ, बीएसएनएल के पास हर शहर और गांव में प्रमुख स्थानों पर वृहद रूप में फैली अपनी जमीन है। इन जमीनों की कीमत रु 1 लाख करोड़ के करीब है। इन जमीनों का मुद्रीकरण (monetise) कर बीएसएनएल बड़ी सहजता से प्रत्येक वर्ष रु 10,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त कर सकता है। लेकिन DoT द्वारा ऐसी मौद्रीकरण (monetisation) की अनुमति नही दी जा रही है। बीएसएनएल द्वारा 29.10.2018 को अपनी "लैंड मैनेजमेंट पॉलिसी" हेतु अनुमोदन प्राप्त करने के लिए भी DoT को लिखा जा चुका है। यदि यह पॉलिसी मंजूर हो जाती है तो बीएसएनएल अपनी जमीन संपदा से काफी राजस्व अर्जित कर सकता है। लेकिन DoT द्वारा इसमें जानबूझ कर विलंब किया जा रहा है। कॉम पी अभिमन्यु, GS और कॉम स्वपन चक्रबोर्ति, Dy.GS, आज श्री अभय कुमार, CGM(BW) और श्री डी के सिंघल, GM(LD) से मिले और इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आश्वासित किया कि बीएसएनएल की इन "स्वर्ण खानों" का ताला खोलने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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