22 - Oct - 2022

Hindi translation of "The Supreme Court issues landmark order to curtail hate speeches."

सुप्रीम कोर्ट ने नफरत भरे भाषणों पर अंकुश लगाने के लिए ऐतिहासिक आदेश जारी किया।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि, पुलिस और अधिकारियों को तुरंत और स्व संज्ञान से भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है, "इस आदेश को लागू करने में कोई भी "झिझक", सुप्रीम कोर्ट की अवमानना ​​​​के लिए कार्यवाही को आकर्षित करेगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"  सुप्रीम कोर्ट का आदेश मुख्य रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पुलिस को दिया गया है।  सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनों राज्यों के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी कर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है । 

 

BSNLEU सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का तहे दिल से स्वागत करता है, क्योंकि सांप्रदायिक दंगे मुख्य रूप से नफरत भरे भाषणों के कारण हो रहे हैं। अधिकतर, सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहाहैं।  इसलिए, पुलिस और अन्य अधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।  अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया है कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करने वाली पुलिस और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । इस आदेश में, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि, न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय ने कहा है कि, "हमारा एक धर्म-तटस्थ देश है।"