17 - Sep - 2020

Hindi translation of "The future of the families of 1.70 lakh BSNL employees is in dark - AUAB calls on to organise "Rallies With Family Members" on 15-02-2019.."

1.70 लाख परिवारों का भविष्य अंधकार में- AUAB का 15.02.2019 को परिवार के साथ रैली निकालने का आव्हान...

बीएसएनएल कर्मियों के 1.70 लाख कर्मियों के परिवारों का भविष्य अंधकार में है। सरकार बीएसएनएल को खत्म करना चाहती है। वह यह कदापि नही चाहती कि बीएसएनएल रिलायंस जिओ से सक्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा करे। इसीलिए वह बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम आवंटित नही करना चाहती है। वह यह भी नही चाहती बीएसएनएल अपनी खाली पड़ी जमीन का उपयोग कर राजस्व अर्जित करे। सरकार यह भी नही चाहती कि बीएसएनएल बैंक से लोन ले, जबकि निजी कंपनियां, रिलायंस जियो सहित,  सरकारी बैंकों से करोड़ों रुपयों का लोन ले रही है। वह हर सम्भव कोशिश कर रही है कि कर्मचारियों को सैलरी न मिले और उनके परिवारों को भूखे मरने की स्थिति निर्मित हो जाए। वह इस कोशिश में भी है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 से 58 हो। वह हर वो प्रयास कर रही है जिससे कर्मचारियों में हड़कंप मच जाए और वें भयभीत हो कर VRS लेकर घर बैठ जाएं। दरअसल, मोदी सरकार बीएसएनएल को नही वरन रिलायंस जियो को सरकारी कंपनी मानती है। सरकार रिलायंस जियो को प्रमोट करने हेतु सारे प्रयास कर रही है। भारतीय रेलवे ने बीएसएनएल को छोड़ कर रिलायंस जियो के कनेक्शन ले लिए हैं। यह बेहद शर्मनाक है। इस निर्णय के पीछे आखिर कौन है ? इस तरह का अन्याय होते हम नही देख सकते हैं। तो आओ साथियों, हम सब एक साथ मिल कर सरकार की बीएसएनएल को खत्म करने के उद्देश्य से की जा रही साजिशों को नाकाम करें। सही माने में जनता ही इस विशाल बीएसएनएल की मालिक है। वें ही हमारे मालिक हैं। आओ, हम इस देश के नागरिकों के पास पहुंचें और बीएसएनएल की रक्षा हेतु उनका सहयोग प्राप्त करें। जीत अंत मे हमेशा जनता की ही होती है। AUAB ने 15.02.2019 को परिवार के साथ रैली निकालने का आव्हान किया है। बीएसएनएल ईयू का सभी परिमंडल व जिला सचिवों से अनुरोध है कि वें अधिक से अधिक संख्या में परिवार के सदस्यों के साथ रैली निकालने हेतु शीघ्र आवश्यक कदम उठाएं और रैली ऐतिहासिक रूप से सफल बनावें। बीएसएनएल ईयू प्रत्येक कर्मचारी से यह अनुरोध करती है कि अपने परिजनों को 15.02.2019 को सड़क पर उतारने में संकोच न करें।