Hindi translation of resolution on Wage Revision, passed in the Central Executive Committee meeting of BSNL Employees Union, held at Ghaziabad.
बीएसएनएल एम्प्लॉईज यूनियन की गाज़ियाबाद में 22 और 23 अक्टूबर 2018 को सम्पन्न सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग में वेज रिवीजन पर प्रस्ताव पारित
तृतीय PRC की अनुशंसाओं में उल्लेखित "एफोरडीबिलिटी क्लॉज़" को रिलैक्स करने हेतु कैबिनेट के अनुमोदन के लंबित रहते वेज रिवीजन के निराकरण हेतु डॉट द्वारा मान्यताप्राप्त यूनियन्स के साथ निगोशिएशन्स की अनुमति के बाद इस संबंध में हुई प्रगति पर बीएसएनएल ईयू की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी चिंता व्यक्त करती है। जॉइंट कमिटी फ़ॉर निगोशिएटिंग वेज सेटलमेंट की कई बैठकें हो चुकी है और नए पे स्केल्स लगभग लगभग फायनलाइज किए जा चुके हैं।
किन्तु हाल ही में, HRA के रिवीजन को ले कर गतिरोध उत्पन्न हो गया है। जॉइंट कमिटी में मैनेजमेंट साइड द्वारा बताया गया कि बीएसएनएल की चिंताजनक वित्तीय स्थिति के मद्दे नज़र नॉन एग्जीक्यूटिव्ज का HRA रिवीजन नही किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजमेंट द्वारा 31.12.2016 को देय HRA फ्रीज करते हुए एग्जीक्यूटिव्ज के लिए 3rd PRC की अनुशंसा की जा चुकी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि एग्जीक्यूटिव्ज के लिए HRA फ्रीज करना प्रस्तावित कर दिया गया है, नॉन एग्जीक्यूटिव्ज को HRA रिवीजन नही दिया जा सकता है। स्टाफ साइड को यह भी बताया गया कि HRA रिवीजन से रु 570 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ेगा, परिणाम स्वरूप DOT द्वारा वेज रिवीजन प्रस्ताव खारिज़ करने की संभावना बनी रहेगी। मैनेजमेंट साइड द्वारा यह भी प्रस्ताव रखा गया था कि बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति सुदृढ होने पर HRA रिवीजन पर विचार किया जा सकता है। किंतु मैनेजमेंट का यह प्रस्ताव किसी भी रूप में स्वीकार्य नही है।
बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के नाम पर कर्मचारियों को HRA रिवीजन से इंकार न केवल अ-न्यायसंगत है बल्कि दिग्भ्रमित करने वाला भी है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि सम्पूर्ण टेलीकॉम मार्किट में मची उथल पुथल रिलायंस जियो की प्रिडेटरी प्राइसिंग की वजह से है। यह भी नही भूलना चाहिए कि एयरटेल और वोडाफोन आईडिया जैसे बड़े ऑपरेटर्स भी हानि की स्थिति में पहुंच गए हैं। साथ ही, इन ऑपरेटर्स पर भारी कर्ज भी है, जबकि तुलनात्मक रूप से बीएसएनएल का कर्ज नगण्य है। हम यहां यह भी बताना चाहेंगे कि 2017 में एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया की तुलना में मोबाइल सेगमेंट में बीएसएनएल की तीव्र वृद्धि हुई है। इसके अलावा ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार भी रिलायंस जियो के अलावा बीएसएनएल ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसने वर्ष 2017 में AGR में वृद्धि दर्ज की है। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक जून में समाप्त तिमाही में बीएसएनएल के AGR में 6.8% की वृद्धि हुई है।
इसलिए, हम यहां यह इंगित करना चाहेंगे कि बीएसएनएल डूबने वाला जहाज नही है। मार्किट के विश्लेषकों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है कि अप्रैल 2019 के बाद कॉल और डेटा के टैरिफ में बढ़ोतरी होना शुरू होगी। अतः बीएसएनएल का वित्तीय संकट ज्यादा समय तक नही रहेगा। जैसे ही रिलायंस जियो द्वारा निर्मित तबाही से मार्किट उबरेगा, बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होना शुरू हो जाएगा।
ऐसे में, बीएसएनएल की वर्तमान वित्तीय स्थिति का हवाला दे कर कर्मचारियों को आगामी दस वर्षों के लिए HRA रिवीजन नकारना पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है। बीएसएनएल ईयू की यह सीईसी मीटिंग बीएसएनएल मैनेजमेंट से नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मियों के वेज रिवीजन के अविलंब व शीघ्र निराकरण की मांग करती है, वह भी HRA रिवीजन के साथ।
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