Hindi translation of resolution on non-implementation of assurances given by the Hon'ble MoS(C), passed in the CEC meeting of BSNLEU, held at Ghaziabad.
माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अ-क्रियान्वयन पर बीएसएनएल एम्प्लॉईज यूनियन की गाज़ियाबाद में 22 और 23 अक्टूबर 2018 को सम्पन्न सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग में प्रस्ताव पारित
यह सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग 24.02.2018 को AUAB के साथ हुई मीटिंग में माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अ-क्रियान्वयन पर गहरी चिंता व निराशा व्यक्त करती है। माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा निम्न 4 प्रमुख मुद्दों पर दिए गए आश्वासनों पश्चात लगभग 8 माह बीत चुके हैं।
AUAB के साथ 24.02.2018 को हुई मीटिंग में माननीय संचार राज्य मंत्री ने सहर्ष आश्वस्त किया था कि बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन के निराकरण के लिए 3rd PRC में उल्लेखित "एफोरडीबिलिटी क्लॉज़" को शिथिल करने हेतु यूनियन कैबिनेट के विचारार्थ कैबिनेट नोट प्रस्तुत किया जाएगा।
बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम आवंटन बाबद भी माननीय संचार राज्य मंत्री ने विश्वास दिलाया था कि बीएसएनएल मैनेजमेंट द्वारा प्रस्तावित टर्म्स एवं कंडीशन्स के आधार पर बीएसएनएल को शीघ्र ही 4G स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। यहां यह बताना भी महत्वपूर्ण है कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा संसद के पटल पर भी इस संबंध में बयान दिया गया था। इसी प्रकार पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के मसले पर भी माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा बगैर लागलपेट के सेक्रेटरी डॉट को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस संबंध में बीएसएनएल में भी भारत सरकार के नियम लागू होंगे। माननीय संचार राज्य मंत्री महोदय ने बीएसएनएल में एब्सॉर्ब हो चुके रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन रिवीजन करने का भी आश्वासन दिया था।
यह अत्यंत विचलित करने वाली स्थिति है कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों पश्चात 8 माह की समयावधि बीत जाने के बावजूद DOT ने अभी तक एफोरडीबिलिटी क्लॉज़ से छूट दिलाने के संबंध में कैबिनेट नोट भी प्रस्तुत नही किया है। DOT द्वारा यह नोट बनाने के बाद भी कैबिनेट नोट अंतर मंत्रालयों के विचार विमर्श हेतु भेज जाएगा, जिसमें कुछ और महीने लगेंगे।
डॉट द्वारा कैबिनेट नोट बनाने में की जा रही देरी एक तरह से बीएसएनएल कर्मियों को वेज रिवीजन से वंचित करने के समान ही है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पार्लियामेंट इलेक्शन्स की घोषणा फरवरी/मार्च 2019 में कई जा सकती है, बीएसएनएल कर्मियों को एफोरडीबिलिटी क्लॉज़ से छूट दिलाने की संभावनाएं दिन प्रतिदिन क्षीण होती जा रही है।
बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के नाम पर कर्मचारियों को HRA रिवीजन से इंकार न केवल अ-न्यायसंगत है बल्कि दिग्भ्रमित करने वाला भी है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि सम्पूर्ण टेलीकॉम मार्किट में मची उथल पुथल रिलायंस जियो की प्रिडेटरी प्राइसिंग की वजह से है। यह भी नही भूलना चाहिए कि एयरटेल और वोडाफोन आईडिया जैसे बड़े ऑपरेटर्स भी हानि की स्थिति में पहुंच गए हैं। साथ ही, इन ऑपरेटर्स पर भारी कर्ज भी है, जबकि तुलनात्मक रूप से बीएसएनएल का कर्ज नगण्य है। हम यहां यह भी बताना चाहेंगे कि 2017 में एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया की तुलना में मोबाइल सेगमेंट में बीएसएनएल की तीव्र वृद्धि हुई है। इसके अलावा ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार भी रिलायंस जियो के अलावा बीएसएनएल ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसने वर्ष 2017 में AGR में वृद्धि दर्ज की है। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक जून में समाप्त तिमाही में बीएसएनएल के AGR में 6.8% की वृद्धि हुई है।
इसलिए, हम यहां यह इंगित करना चाहेंगे कि बीएसएनएल डूबने वाला जहाज नही है। मार्किट के विश्लेषकों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है कि अप्रैल 2019 के बाद कॉल और डेटा के टैरिफ में बढ़ोतरी होना शुरू होगी। अतः बीएसएनएल का वित्तीय संकट ज्यादा समय तक नही रहेगा। जैसे ही रिलायंस जियो द्वारा निर्मित तबाही से मार्किट उबरेगा, बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होना शुरू हो जाएगा।
डॉट द्वारा बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम के आवंटन में की जा रही देरी से बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति को गंभीर क्षति पहुंच रही है। डॉट द्वारा किए जा रहे विलंब से बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रति डॉट की अनिच्छा ही परिलक्षित होती है। माननीय संचार राज्य मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के सम्बंध में निर्णय लेने में डॉट द्वारा की जा रही देरी अक्षम्य है। बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मियों के पेंशन रिवीजन के संबंध में भी डॉट का यह स्पष्ट मत है कि पेंशन रिवीजन सीधे सीधे बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन से जुड़ा हुआ है, जो कि पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है। CCS पेंशन रूल्स 1972 के दायरे में आने वाले अन्य सभी पेंशनर्स की तरह बीएसएनएल में एब्सॉर्ब हो चुके बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारियों का पेंशन रिवीजन भी तत्काल प्रभाव से होना चाहिए, बगैर बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन का इन्तजार किए।
डॉट द्वारा माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों को लागू न करना तो दुर्भाग्यपूर्ण है ही, किन्तु उससे भी अधिक दुर्भाग्यजनक AUAB के असंख्य निवेदन के पश्चात सेक्रेटरी, डॉट द्वारा AUAB को मिलने हेतु समय नही दिए जाना है। यहां यह बताना महत्वपूर्ण होगा कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा AUAB के साथ 24.02.2018 को सम्पन्न मीटिंग में यह भी आश्वासन दिया गया था कि उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों की प्रगति की समीक्षा हेतु निश्चित अंतराल से AUAB द्वारा सेक्रेटरी, डॉट से मीटिंग ली जा सकती है।
ऐसी परिथिति में माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों को लागू करने में की जा रही बेइंतहा देरी की ओर डॉट का ध्यान आकर्षित करने के लिए AUAB द्वारा 11 जुलाई 2018 को प्रदर्शन व 24, 25, 26 जुलाई 2018 को क्रमिक भूख हड़ताल की जा चुकी है। इसके बाद पुनः AUAB के प्रतिनिधियों ने 1 अगस्त 2018 को संसद भवन में माननीय संचार राज्य मंत्री से मुलाकात कर उनसे उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों को लागू करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।
माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों के शांतिपूर्ण निराकरण के लिए AUAB द्वारा किए गए हर संभव प्रयासों के बावजूद डॉट द्वारा उत्पन्न अवरोधों की वजह से किसी भी मुद्दें पर संतोषप्रद प्रगति नही हो सकी है।
इन परिस्थितियों में AUAB के पास आंदोलन को उग्र करने के अलावा कोई चारा नही है। अतः 08.08.2018 को हुई मीटिंग में AUAB ने निम्नानुसार आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सेक्रेटरी,डॉट और सीएमडी, बीएसएनएल को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि 30 नवंबर 2018 तक आश्वासन अनुसार कार्यवाही न होने पर कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
29.10.2018 - पत्रकार वार्ता, जिला व परिमंडल स्तर पर
30.10.2018 - धरना, कॉर्पोरेट, परिमंडल व जिला स्तर पर
14.11.2018 - रैली, कॉर्पोरेट, परिमंडल व जिला स्तर पर
बीएसएनएल ईयू की यह सीईसी मीटिंग सभी परिमंडल व जिला यूनियन्स से अनुरोध करती है कि उपर्युक्त प्रोग्राम व्यापक और प्रभावशाली तरीके से आयोजित करें।
चूंकि AUAB द्वारा 30.11.2018 पश्चात हड़ताल का निर्णय लिया जा चुका है, सभी परिमंडल व जिला यूनियन उपर्युक्त प्रोग्राम के दौरान शिद्दत के साथ सफल हड़ताल, आवश्यक होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने हेतु प्रचार प्रसार करें।
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