Hindi translation of "Privatisation of the BPCL should be an eye opener to BSNL employees."
BPCL का निजीकरण BSNL कर्मियों के लिए चेतावनी...
नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (BPCL), जो कि एक बेहद मुनाफे वाला PSU है, के निजीकरण का निर्णय ले लिया है। जाहिर है, उसके निजीकरण की जरूरत नही है और उसके निजीकरण का कोई आधार भी (justification) नही है। 1971 के पूर्व BPCL एक बहुराष्ट्रीय तेल कंपनी थी। 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा इस कंपनी का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था, क्योंकि भारत के पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान इस कंपनी ने भारतीय एयरफोर्स के लड़ाकू जेट्स को ईंधन आपूर्ति से इंकार कर दिया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मोदी सरकार इतिहास को पलट रही है और एक विशालकाय पब्लिक सेक्टर तेल कंपनी को किसी भारतीय या बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट को सौंपना चाहती है। भारत सरकार का BPCL के निजीकरण का कृत्य राष्ट्र विरोधी होने के अलावा और कुछ नही है। जो सतही तौर पर "राष्ट्रवाद" की बाते करते हैं, उन्हें आत्मावलोकन करना चाहिए और सोचना चाहिए कि किस तरह मोदी सरकार "राष्ट्रीय हितों" के साथ समझौता कर रही है। मोदी सरकार की पब्लिक सेक्टर की निजीकरण की नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रम संगठन ने 8 जनवरी, 2020 को आम हड़ताल का आव्हान किया है। इस आम हड़ताल में BSNLEU ने भी शामिल होने का निर्णय लिया है। हम सभी BSNL कर्मियों से अनुरोध करते हैं कि वें समग्र रूप से इस हड़ताल में शामिल हों। यदि हम अभी भी एक मूक दर्शक बने रहेंगे तो वह दिन दूर नही जब BSNL भी अम्बानी या अडानी को सौंप दिया जाएगा।
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