17 - Sep - 2020

Hindi translation of "NFTE should discipline it's rogue circle secretary, C.K.Mathivanan - an open appeal to NFTE leadership."

NFTE को अपने उद्दंड सर्किल सेक्रेटरी सी के मादिवनन को अनुशासित करना चाहिए- NFTE नेतृत्व से खुला निवेदन....

BSNLEU के ऑल इंडिया सेन्टर ने चेन्नई सर्किल के अपने सर्किल ऑफिस बेयरर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की है। यह  BSNLEU का आंतरिक मामला है।

अन्य किसी को भी इसमें अपनी टांग अड़ाने की जरूरत नही है। किंतु, सी के मादिवनन, NFTE, चेन्नई सर्किल के
उद्दंड सर्किल सेक्रेटरी ने इस प्रकरण में अपनी वेबसाइट पर अपमानजनक रूप से आलोचना की है।

यह सभी जानते हैं कि सी के मादिवनन एक अनुशासनहीन और गरिमा विहीन व्यक्ति हैं। जब कॉम VAN नंबूदिरी BSNLEU के महासचिव थे, सी के मादिवनन उन्हें भी अपमानित कर उन पर हमले करते रहे हैं। महासचिव बनने के बाद कॉम पी अभिमन्यु, हमले करने के लिए उनके टारगेट बन गए हैं। और कहानी का  सबसे दुःखद  पहलू तो यह है कि सी के मादिवनन अपने लीडर्स को भी गालियां देते हैं, उन पर हमले करते हैं।

कुछ साल पहले, कॉम चंदेश्वर सिंह, महासचिव, NFTE ऑल यूनियन सेमिनार को संबोधित करने के लिए चेन्नई आए थे। वहां पर सी के मादिवनन और उनके ठगों ने काफी देर तक उनका घेराव किया था। जहां तक हम जानते हैं, ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना किसी भी अन्य महासचिव के साथ कभी भी नही हुई होगी।

इसके अलावा NFTE के एक अन्य प्रमुख ऑल इंडिया ऑफिस बेयरर भी सी के मादिवनन के हमलों का शिकार हो चुके हैं। सी के मादिवनन ने अपनी सर्किल यूनियन वेबसाइट पर उनके लिए लिखा था कि इस व्यक्ति ने जितनी बार अपनी शर्ट बदली होगी उतनी बार अपनी यूनियन भी बदली है।

जब JAC लीडर्स ने BSNL प्रबंधन के साथ 78.2% IDA मर्जर निराकरण से संबंधित एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे, सी के मादिवनन ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि ऑल इंडिया लीडर्स ने कर्मचारियों के हितों को सरेंडर कर दिया है। और तो और, उन्होंने एग्रीमेंट की निंदा करते हुए विरोध स्वरूप मीटिंग्स भी आयोजित की थी। लेकिन जब 78.2% IDA मर्जर के आदेश जारी हुए तो सी के मादिवनन ने इसके सारे लाभ प्राप्त कर लुत्फ उठाया।

AUAB द्वारा BSNL के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच एकता स्थापित कर, BSNL और उसके कर्मचारियों की रक्षा के लिए निरन्तर रूप से संघर्ष किए जा रहे हैं। किन्तु, सी के मादिवनन ने AUAB पर हमले करने और उसका उपहास करने की आदत सी बना ली है। इस मुद्दे को ऑल इंडिया AUAB की मीटिंग्स में NFTE लीडरशिप के समक्ष उठाया जा चुका है। अभी भी, चेन्नई सर्किल में NFTE, AUAB का हिस्सा नही है। 

कुछ महीनों पूर्व, एक बार पुनः, सी के मादिवनन ने  कॉम चंदेश्वर सिंह, महासचिव, को अपमानित किया था। सी के मादिवनन ने उनके लिए अपनी वेबसाइट पर जो लिखा था, वह कुछ इस प्रकार था, " महासचिव, जो स्वयं को कम्युनिस्ट कहते हैं, पटना एयरपोर्ट पर संचार मंत्री का इंतजार करते रहे। किन्तु, उनके आगमन पर मंत्री महोदय ने नेताजी की उपेक्षा की और उनकी तरफ देखा तक नही। फिर भी, महासचिव दोनों हाथ जोड़ कर उनके पीछे पीछे चलते रहे। ऐसी दयनीय स्थिति क्यों ? " 

यह भी एक हकीकत है कि  सी के मादिवनन ने कॉम ओ पी गुप्ता और कॉम जगन जैसे महान लीडर्स को भी नही बख्शा है। सी के मादिवनन द्वारा कॉम ओ पी गुप्ता के लिए तो प्रायः " वो बुढ्ढा " संबोधन प्रयुक्त किया जाता था। सी के मादिवनन द्वारा अक्सर कॉम ओ पी गुप्ता और कॉम जगन को गंदी भाषा में गालियां दी जाती थी।

NFTE के अंदर जो भी हो रहा है वह उनका आंतरिक मामला है। किंतु NFTE की लीडरशिप यदि सी के मादिवनन को  BSNLEU और AUAB को गालीगलौच की इजाजत देती है तो यह उचित नही होगा। 
 
अतः, BSNLEU, NFTE की लीडरशिप से अनुरोध करना चाहेगी कि वक्त रहते सी के मादिवनन को अनुशासित करें।