13 - Aug - 2025

Hindi translation of "New Telecom Policy – 2025: PSUs must not be left behind."

नई दूरसंचार नीति - 2025: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए।

भारत सरकार 'नई दूरसंचार नीति - 2025' पेश करने की तैयारी कर रही है और इसे भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक भविष्यदर्शी रोडमैप के रूप में पेश कर रही है। इसमें सार्वभौमिक 4G/5G कवरेज, बड़े पैमाने पर निजी निवेश और प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों का वादा किया गया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 100% 4G और 90% 5G कवरेज हासिल करना है। मंत्रालय ने जनता, खासकर युवाओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए 10 लाख रोज़गार के अवसरों का नारा भी गढ़ा है।

 

ये घोषणाएँ भले ही प्रभावशाली लगें, लेकिन अहम सवाल यह है कि इस रोडमैप में बीएसएनएल, एमटीएनएल, आईटीआई और अन्य दूरसंचार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कहाँ खड़े हैं ? हमें याद रखना चाहिए कि यह पहली "नई" नीति नहीं है। कांग्रेस सरकार ने एक बार 'नई दूरसंचार नीति' पेश की थी और बाद में एनडीए सरकार 'राष्ट्रीय दूरसंचार नीति' लेकर आई। पिछली दूरसंचार नीति 2017 में घोषित की गई थी।

 

यदि नई दूरसंचार नीति - 2025 वास्तव में राष्ट्र की सेवा करनी है, तो उसे निम्नलिखित करना होगा : 
(1) बीएसएनएल, एमटीएनएल और आईटीआई को 4G/5G विस्तार के कार्यान्वयन में केंद्रीय भूमिका की गारंटी देनी होगी। 
(2) यह सुनिश्चित करना होगा कि 10 लाख रोज़गार के अवसर केवल निजी क्षेत्र तक सीमित न रहें, बल्कि सार्वजनिक उपक्रमों में सुरक्षित, स्थायी नौकरियाँ भी शामिल हों। 
(3) निजी कंपनियों को तरजीह देने से पहले सार्वजनिक उपक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर वित्त पोषण और स्पेक्ट्रम आवंटन प्रदान करना होगा।

हम सभी हितधारकों, विशेषकर बीएसएनएल कर्मचारियों और यूनियनों से मसौदा नीति का अध्ययन करने, अपनी चिंताएँ व्यक्त करने और सार्वजनिक उपक्रमों के हितों की रक्षा के लिए मज़बूत सुझाव प्रस्तुत करने का आह्वान करते हैं।