Hindi translation of "Modi government’s bold attempt to introduce the Shram Shakti NITI-2025 policy – working class will resist unitedly."
श्रम शक्ति नीति-2025 नीति लागू करने का मोदी सरकार का साहसिक प्रयास - मज़दूर वर्ग एकजुट होकर विरोध करेगा।
सरकार द्वारा हाल ही में "राष्ट्रीय श्रम रोज़गार नीति का मसौदा - श्रम शक्ति नीति-2025" जारी किए जाने की ट्रेड यूनियनों ने व्यापक आलोचना की है। नई नीति के प्रारूपण के दौरान केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से परामर्श किए बिना ही यह नीति 8 अक्टूबर, 2025 को जारी कर दी गई। इस नीति को मज़दूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की बजाय नियोक्ता के मुनाफ़े को तरजीह देने वाली नीति के रूप में देखा जा रहा है। ट्रेड यूनियनों का मानना है कि यह मज़दूर वर्ग के लिए एक गंभीर चुनौती होगी, खासकर काम करने की परिस्थितियों को परिभाषित करने, मज़दूरों के बुनियादी कार्यों के अधिकार, न्यूनतम मज़दूरी और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर। उनकी राय में, यह नई नीति मौजूदा श्रम कानूनों और नियमों को कमज़ोर कर सकती है और मज़बूत सामाजिक सुरक्षा उपायों की कमी के कारण मज़दूरों का शोषण बढ़ सकता है। ट्रेड यूनियनों ने मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए श्रम शक्ति नीति-2025 नीति के ख़िलाफ़ लड़ने का संकल्प लिया था।
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