Hindi Translation of "Killing of inspector Subodh Kumar Singh is an accident and not a mob lynching - says Yogi Adityanath, Chief Minister of Uttar Pradesh."
इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या एक दुर्घटना थी, मॉब लिंचिंग नही- कहा योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ने.
03.12.2018 को बुलंद शहर में भीड़ द्वारा की गई इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह महज एक दुर्घटना थी, न कि मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या). 300 से 400 लोगों की भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला किया और इंस्पेक्टर की हत्या कर दी। यदि यह मॉब लिंचिंग नही है तो फिर मॉब लिंचिंग किसे कहेंगे ? मीडिया रिपोर्ट्स और साथ ही पुलिस द्वारा की गई जांच यही कहती है कि प्रमुख रूप से इस हिंसा का षड्यंत्र रचने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ता योगेश राज है। यहां यह जानना जरूरी है कि ये वही इंस्पेक्टर सुबोध कुमार थे जिन्होंने दादरी के समीप मॉब लिंचिंग में मृत मोहम्मद अखलाक प्रकरण की जांच की थी। भीड़ द्वारा मोहम्मद अखलाख की हत्या उनके द्वारा गौ हत्या और अपने घर में गौ मांस रेफ्रीजिरेटर में रखने का आरोपित कर, कर दी गई थी। इस प्रकरण की गहन जांच पश्चात यह तथ्य सामने आया था कि मोहम्मद अखलाक के घर मे रेफ्रिजरेटर में केवल मटन था, गौ मांस नही। यह भी जानना बेहद जरूरी है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार इस प्रकरण की जांच से दूर रह सके यह सुनिश्चित करने के लिए उनका स्थानांतरण भी कर दिया गया था। इसीलिए अब यह आरोप भी है कि मोहम्मद अखलाक की हत्या की जांच में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की भूमिका के चलते, उनकी हत्या की गई। ऐसे में, अब एक निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है। ऐसे वक्त में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह महज एक दुर्घटना थी, न कि मॉब लिंचिंग। निःसंदेह मुख्यमंत्री का यह बयान जांच को भटकाने के उद्देश्य से दिया गया है। एक तरह से मुख्यमंत्री ने पुलिस को यह संदेश दे दिया है कि जांच के परिणाम क्या होने चाहिए।
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