Hindi translation of "Historic victory for the Kisans struggle."
प्रधानमंत्री-Prime Minister ने तीन कृषि अधिनियमों को वापस लेने-withdrawal of three Farm Acts की घोषणा की : किसान संघर्ष की ऐतिहासिक जीत-Historic Victory of Kisan’s Struggle.
विभिन्न किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बेनर तले मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कारपोरेट समर्थक फार्म एक्ट के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। एक साल के इस संघर्ष के दौरान करीब 700 किसानों की जान जा चुकी है। सत्तारूढ़ भाजपा-BJP और आरएसएस-RSS ने किसान नेताओं को राष्ट्रविरोधी और आतंकवादी तत्व करार दिया। सरकार ने कहा कि कृषि अधिनियमों को वापस लेने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे ने शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों पर अपनी एसयूवी चलाकर चार किसानों को कुचल दिया और उनकी हत्या कर दी। केंद्रीय श्रमिक संघ-Central Trade Unions और श्रमिक वर्ग-working class संघर्ष कर रहे किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहे और तीनों कृषि अधिनियमों को निरस्त करने की मांग करते हुए विभिन्न प्रकार के आंदोलनों का आयोजन किया । अंत में सत्तारूढ़ भाजपा ने समझा कि, आगामी विधानसभा चुनाव में किसानों के संघर्षों से उन्हें खतरा है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इस पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल टीवी पर आकर और घोषणा की कि सरकार संसद-parliament के आगामी शीतकालीन सत्र-winter session में तीनों कृषि अधिनियमों को निरस्त कर देगी । निस्संदेह, यह किसान संघों की ऐतिहासिक जीत है। तीनों कृषि अधिनियमों को वापस लेने के सरकार के फैसले से पता चलता है कि कामकाजी जनता-working masses के एकजुट संघर्ष-United Struggles निश्चित रूप से सरकार की श्रमिक विरोधी-anti worker और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों-pro corporate policies को पीछे धकेल सकते हैं ।
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