Hindi translation of "Government withdraws the recognition of NFPE and Postal Class-III Union - BSNLEU strongly condemns the action."
सरकार ने एनएफपीई और पोस्टल क्लास-III यूनियन की मान्यता वापस ली ।- BSNLEU इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है ।
डाक विभाग ने नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्प्लाइज (एनएफपीई) और ऑल इंडिया पोस्टल एम्प्लाइज यूनियन ग्रुप 'सी' (पी- III यूनियन) की मान्यता वापस ले ली है ।
डाक विभाग ने एनएफपीई और पी - III यूनियन पर राजनीतिक दल को फंडिंग करने का आरोप लगाया है ।
इसके पत्र सं. SR-10/7/2022-SR-DOP दिनांक 26.04.2023 के पैरा 4 में निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं ।
"एनएफपीई और एसोसिएशन ने किसान आंदोलन को सहायता प्रदान करने के लिए कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई एंड वर्कर्स को कुछ राशि दान की, साथ ही सीपीआई (एम) को रु. 4,935/- और सीटू को रु. 50,000/- की राशि दान की ।"
किसान आंदोलन को चंदा और सीटू को 50,000/- रुपये देना राजनीतिक चंदा नहीं कहा जा सकता । किसान सभा और सीटू राजनीतिक दल नहीं हैं ।
इसके अलावा, एनएफपीई के महासचिव ने अपने स्पष्टीकरण में प्रस्तुत किया है कि सीपीआई (एम) को भुगतान किया गया 4,935/- रुपये, सीपीआई (एम) के प्रकाशनों से किताबें खरीदने के लिए किया गया ऑनलाइन भुगतान है। (डाक विभाग के पत्र का पैरा 6.3 देखें।)
4,935/- रुपये की छोटी सी राशि ही यह दर्शाती है कि यह राजनीतिक चंदा नहीं हो सकता ।
इसलिए, यह बहुत स्पष्ट हो जाता है कि, एनएफपीई और P-III यूनियन की मान्यता सरकार द्वारा एक गुप्त मंशा से वापस ले ली गई है । BSNLEU सरकार की इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि एनएफपीई और P-III यूनियन की मान्यता तुरंत बहाल की जानी चाहिए ।
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