Hindi translation of "Government wants to give more concessions to Vodafone Idea."
सरकार वोडाफोन आइडिया को और रियायतें देना चाहती है।
वोडाफोन ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय दूरसंचार कंपनी है। वोडाफोन आइडिया इसकी भारतीय शाखा है। फिर भी, भारत सरकार वोडाफोन आइडिया को वित्तीय संकट से बचाने और उसकी मदद करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, वोडाफोन आइडिया को सरकार को एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाया के रूप में 58,254 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज सहित यह राशि मार्च, 2025 तक 83,400 करोड़ रुपये हो गई है। मार्च, 2025 में सरकार ने बकाया राशि में से 36,950 करोड़ रुपये को इक्विटी (शेयर) में बदल दिया। वर्तमान में, भारत सरकार वोडाफोन आइडिया में सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसके पास उस कंपनी में 49.99% शेयर हैं। हालाँकि, वोडाफोन आइडिया के प्रबंधन में सरकार का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। कंपनी सरकार को शेष एजीआर बकाया का भुगतान करने में असमर्थ है। इस समय मीडिया में ऐसी खबरें आ रही हैं कि सरकार वोडाफोन आइडिया को और राहत देने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें से एक विकल्प यह है कि पुनर्भुगतान अवधि को मौजूदा 6 साल से बढ़ाकर 20 साल किया जाए। सरकार बकाया राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज के बजाय साधारण ब्याज लगाने पर भी विचार कर रही है। दूसरा विकल्प यह है कि एजीआर मुद्दे पर अंतिम निर्णय होने तक बकाया राशि के आंशिक भुगतान के लिए सालाना 1,000-1,500 करोड़ रुपये की कुल राशि ली जाए।
(स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स दिनांक 24 जून, 2025)
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