Hindi translation of "Glorious struggles and achievements of the unions and associations of BSNL."
यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ऑफ बीएसएनएल के शानदार संघर्ष और उपलब्धियां...
VRS के अमल में आने के पश्चात बीएसएनएल में बेहद अराजकता की स्थिति निर्मित हो गई है। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए, कुछ अवसरवादी तत्व अपने आपको हीरो के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं। हमें इस पर कोई ऐतराज भी नही है। किंतु ये अवसरवादी तत्व ट्रेड यूनियन मूवमेंट को ही आहत करने की कोशिश कर रहे हैं। एक सज्जन, जिन्हें ट्रेड यूनियन मूवमेंट से बिदाई दे दी गई है, वें सोशल मीडिया में बड़े ही आक्रामक (???) संदेश भेज रहे हैं। इस संदेश का लब्बोलुआब यह है कि यूनियन्स और एसोसिएशन्स ने सरकार के खिलाफ एक उंगली भी नही उठाई है। क्या यह सही है ?
- विगत 5 वर्षों में यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ऑफ बीएसएनएल द्वारा कई आक्रामक संघर्ष किए गए हैं जिसमें एग्जीक्यूटिव्ज व नॉन एग्जीक्यूटिव्ज ने व्यापक तौर पर शिरकत की है। 21 और 22 अप्रैल, 2015 को आयोजित हड़ताल की वजह से सरकार की 60% सीलिंग को खत्म किया गया, जिसका उद्देश्य बीएसएनएल कर्मियों को पेंशन से वंचित करना था। इस संघर्ष की वजह से ही बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मियों को बगैर किसी सीमा के सरकारी पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सका।
- 15.12.2016 को विशेष रूप से सब्सिडीएरी टॉवर कंपनी के गठन के खिलाफ आयोजित की गई हड़ताल ने बीएसएनएल को टुकड़ों टुकड़ों में छिन्न भिन्न करने के सरकार के इरादों को ध्वस्त किया।
- 12 और 13 दिसंबर, 2017 की दो दिवसीय हड़ताल, 03.12.2018 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल, जो कि माननीय संचार राज्य मंत्री से हुई चर्चा के आधार पर मुल्तवी की गई, 18, 19, 20 फरवरी, 2019 को हुई तीन दिवसीय हड़ताल के द्वारा न केवल पे और पेंशन रिवीजन की मांग की गई, वरन बीएसएनएल के रिवाइवल हेतु अन्य कई प्रमुख मांग भी रखी गई।
- ऊपर उल्लेखित तीन हड़तालों के साथ साथ यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ने 19 अप्रैल, 2018 और 05 अप्रैल, 2019 को नई दिल्ली में विशाल रैलीज भी आयोजित की और सरकार को चेताया कि बीएसएनएल को आसानी से खत्म नही किया सकता।
- विगत 5 वर्षों में, यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ने व्यापक आन्दोलनों, जैसे मानव श्रृंखला, मार्च टू राजभवन, सांसदों को ज्ञापन देना, नुक्कड़ सभाएं आदि के माध्यम से बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए आम जन का ध्यान भी आकर्षित किया।
- यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स द्वारा आयोजित ऊपर उल्लेखित आक्रामक संघर्षों और व्यापक आंदोलनों, जिसमें एग्जीक्यूटिव्ज व नॉन एग्जीक्यूटिव्ज ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया, की वजह से सरकार को सब्सिडीएरी टॉवर कंपनी का अपना प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डालना पड़ा। यह एक भव्यतम उपलब्धि है।
- यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स द्वारा किए गए निरंतर संघर्षों की वजह से ही सरकार को बीएसएनएल को बगैर किसी भुगतान के 4G स्पेक्ट्रम देने के लिए बाध्य होना पड़ा है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसके चलते बीएसएनएल को निकट भविष्य में 5G स्पेक्ट्रम आवंटित करने की आधारशिला भी रख दी गई है।
- यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ऑफ बीएसएनएल द्वारा अपने निरंतर संघर्षों से जब इतना कुछ हासिल किया गया हो, तब अवसरवादी तत्वों का यह कहना कि यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स ने सरकार के विरोध में उंगली तक नही उठाई है, हास्यास्पद ही है।
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