Hindi translation of "Defence Workers Federations will organise countrywide “Burning of Effigy” agitation on 19.06.2021, against privatisation of Defence Ordnance Factories”.
रक्षा आयुध निर्माणियों के निजीकरण के खिलाफ रक्षा कामगार महासंघ 19.06.2021 को देशव्यापी "पुतला दहन" आंदोलन का आयोजन करेगा।
मोदी सरकार कोविड-19 की दूसरी लहर से लोगों की सुरक्षा करने में पूरी तरह से विफल रही है। उच्चतम न्यायालय सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों ने इस संबंध में विफल रहने के लिए केन्द्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। हालांकि मोदी सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण में काफी कुशलता से काम कर रही है। ताजा आयुध निर्माणियों का निजीकरण है। देश में 44 आयुध कारखाने रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में आयुध कारखाना बोर्ड के तहत काम कर रहे हैं। अब आयुध निर्माणियों का बोर्ड खत्म हो जाएगा। इसके स्थान पर कंपनी अधिनियम के तहत सात निगमों का गठन किया जाएगा । आयुध निर्माणियों का निगमीकरण बड़े कारपोरेट को सौंपने के एकमात्र इरादे से किया जा रहा है। चूंकि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पास अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां हैं। इसलिए निजीकरण के बाद इन आयुध कारखानों को बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा अपने कब्जे में ले लिया जाएगा। रक्षा कामगार महासंघ 19.06.2021 को देशव्यापी "पुतला दहन" आंदोलन का आयोजन कर रहे हैं। बीएसएनएलईयू रक्षा कामगार महासंघों के संघर्ष का पुरजोर समर्थन करता है।
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