15 - May - 2024

Hindi translation of "BSNLEU’s meeting with the Director (HR)."

BSNLEU की निदेशक (मानव संसाधन) के साथ बैठक। 

BSNLEU के प्रतिनिधियों ने कल 14-05-2024 को निदेशक (मानव संसाधन) श्री कल्याण सागर निप्पानी के साथ कर्मचारियों के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की। सुश्री अनीता जौहरी, प्रिंसिपल जनरल मैनेजर (एसआर), श्री एसपी सिंह, प्रिंसिपल जनरल मैनेजर (एस्टा) और जनरल मैनेजर (तकनीकी प्रशिक्षण) भी उपस्थित थे। साथी अनिमेष मित्रा, अध्यक्ष, साथी सीके गुंडन्ना, सहायक महासचिव और साथी अश्विन कुमार, आयोजन सचिव (सीएचक्यू) ने चर्चा में भाग लिया। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई।

 

१. औपचारिक बैठक के त्रुटिपूर्ण मिनिट्स :

BSNLEU ने 19.03.2024 को निदेशक (मानव संसाधन) के साथ आयोजित औपचारिक बैठक के त्रुटिपूर्ण कार्यवृत्त पर अपना विरोध दर्ज कराया। बताया गया कि औपचारिक बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। लेकिन बाद में प्रबंधन द्वारा जारी मिनिट्स त्रुटिपूर्ण थे तथा बैठक में की गई वास्तविक चर्चा और निर्णयों को प्रतिबिंबित नहीं करते थे। निदेशक (मानव संसाधन) ने इस संबंध में BSNLEU द्वारा लिखे गए दिनांक 14-05-2024 के पत्र को स्वीकार किया। उन्होंने प्रिंसिपल जनरल मैनेजर (एसआर) को BSNLEU के विरोध पत्र पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 

 

२. पंजाब सर्कल में जेटीओ एलआईसीई रद्द : 

BSNLEU लगातार प्रबंधन पर पंजाब सर्किल में आयोजित जेटीओ एलआईसीई को रद्द करने के अपने फैसले की समीक्षा करने का दबाव बना रहा है। कल की बैठक में एक बार फिर यह मुद्दा उठाया गया और यह जोरदार मांग की गई कि प्रबंधन को तुरंत अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए। निदेशक (मानव संसाधन) ने जवाब दिया कि इस मामले पर सीएमडी बीएसएनएल के साथ चर्चा की गई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने बताया कि पंजाब सर्कल में मौजूद जेटीओ रिक्तियों को पुनर्गठन योजना के तहत पहले ही समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि आज की तारीख में पंजाब सर्कल में जेटीओ सरप्लस में हैं, इसलिए प्रबंधन जेटीओ एलआईसीआई रद्द करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं कर सकता।

 

३. मोबाइल हैंडसेट के मामले में नोन-एक्ज़ीक्यूटिव्स की अनदेखी :

BSNLEU के प्रतिनिधियों ने मोबाइल हैंडसेट की आपूर्ति में भेदभाव पर स्पष्ट रूप से अपना विरोध व्यक्त किया। हाल ही में प्रबंधन ने अधिकारियों द्वारा मोबाइल हैंडसेट खरीदने की लागत की प्रतिपूर्ति के लिए राशि बढ़ा दी है। वहीं, नोन एक्ज़ीक्यूटिव्स के साथ इस मामले में भेदभाव किया जा रहा है। BSNLEU ने इस मामले पर सीएमडी बीएसएनएल को पहले ही एक कड़ा पत्र लिखा है। कल की बैठक में BSNLEU ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और मांग की कि नोन एक्ज़ीक्यूटिव्स को भी मोबाइल हैंडसेट की आपूर्ति की जानी चाहिए। निदेशक (मानव संसाधन) ने BSNLEU के विचारों को धैर्यपूर्वक सुना और इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया।

 

४. पति/पत्नी के आधार पर नियम 8 के तहत स्थानांतरण के मामलों पर विचार करना :

BSNLEU ने बार-बार शिकायत की है कि बीएसएनएल प्रबंधन नियम 8 के तहत अधिकारियों, विशेषकर जेई द्वारा पति/पत्नी के आधार पर स्थानांतरण के अनुरोधों पर विचार करने में डीओपी एंडटी के आदेशों को लागू नहीं कर रहा है। कल की बैठक में एक बार फिर यह मुद्दा उठाया गया और मांग की गई कि प्रबंधन को नियम 8 के तहत पति/पत्नी के आधार पर स्थानांतरण के मामलों पर विचार करना चाहिए। निदेशक (मानव संसाधन) ने प्रिंसिपल जनरल मैनेजर (एस्टा) को ऐसे कर्मचारियों के नाम एकत्र करने का निर्देश दिया। उन्होंने यूनियन को इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

 

५. पुनर्गठन योजना की समीक्षा : 

BSNLEU लगातार प्रबंधन पर दबाव बना रहा है और पुनर्गठन योजना की समीक्षा करने की मांग कर रहा है। BSNLEU की शिकायत है कि रिक्त पदों के अभाव में कई सर्कलों में जेटीओ एलआईसीई, जेई एलआईसीई आदि की परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं, क्योंकि पुनर्गठन योजना के तहत हजारों पद पहले ही समाप्त कर दिए गए हैं। BSNLEU मांग कर रहा है कि मंजूरी के मानदंडों में ढील दी जानी चाहिए। कल की बैठक में एक बार फिर मांग की गई कि बीएसएनएल प्रबंधन जल्द से जल्द पुनर्गठन की समीक्षा पूरी करे और BSNLEU की मांग पर विचार करे। निदेशक (मानव संसाधन) ने जवाब दिया कि कॉर्पोरेट कार्यालय इस पर लगातार काम कर रहा है और आश्वासन दिया कि इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यूनियन से अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने को भी कहा।

 

६. छूट गये खेल कर्मियों का कैरियर प्रोग्रेसन : 

बीएसएनएल लंबे समय से छूट गये खेल कर्मियों के करियर प्रोग्रेस के मामलों को उठा रहा है। इस मुद्दे पर कल की बैठक में एक बार फिर निदेशक (मानव संसाधन) के साथ चर्चा की गई। BSNLEU ने जोरदार मांग की कि छूटे हुए मामलों पर जल्द से जल्द विचार किया जाना चाहिए। निदेशक (मानव संसाधन) ने आश्वासन दिया कि आवश्यक कार्रवाई तेजी से की जाएगी।