Hindi translation of "BSNL and Jet Airways- two different approaches of Government."
BSNL और जेट एयरवेज- सरकार के दो भिन्न नजरिए...
जेट एयरवेज, जो कि कुछ समय पूर्व सबसे बड़ी भारतीय विमानन कंपनी थी, अब गहरे वित्तीय संकट में है। उनके पायलट्स को विगत तीन माह से तनख्वाह नही मिली है। यदि उन्हें तनख्वाह नही दी जाती है तो उन्होंने 1 अप्रैल 2019 से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जेट एयरवेज पर 1 बिलियन डॉलर्स का कर्ज है। कंपनी एक सप्ताह में केवल 140 उड़ानों का संचालन कर रही है, जबकि कुछ समय पूर्व एक सप्ताह में 600 उड़ानें संचालित हो रही थी। इसमें हमारे लिए ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह है कि सरकार ने जेट एयरवेज को राहत (bail out) हेतु कल एक आकस्मिक मीटिंग आयोजित की है। आज के (20.03.2019) इकोनॉमिक टाइम्स ने खबर प्रकाशित की है कि सरकार द्वारा जेट एयरवेज को लोन देने हेतु बैंक्स पर दबाव बनाया जा रहा है। सरकार द्वारा जेट एयरवेज, जो कि एक निजी कंपनी है, की चिंता करना सराहनीय है। किंतु BSNL के लिए क्या किया जा रहा है, जो कि सरकार की अपनी कंपनी है ? BSNL चीख रहा है, अनुरोध कर रहा है कि उसे उसके वित्तीय संकट से उबरने के लिए बैंक से लोन लेने की उसे अनुमति दी जाए। किन्तु माननीय मंत्रीजी और सरकार BSNL को राहत देने का प्रयास नही कर रहे हैं। और, जेट एयरवेज के प्रकरण में सरकार ने आकस्मिक मीटिंग की और बैंक्स को उसे लोन देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अब शायद सरकार की निजी समर्थक और पीएसयू विरोधी नीतियों के उल्लेख के लिए और किसी उदाहरण की जरूरत नही है। ये वही नीतियां हैं, जिनकी वजह से BSNL बर्बाद हुआ है। AUAB के साथ मिल कर BSNLEU द्वारा इन BSNL विरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर संघर्ष किया जा रहा है। किन्तु, हमारे बीच कुछ अति बुद्धिजीवी हैं, जो अपना एक्सपर्ट ओपिनियन देते रहते हैं कि हमें सरकार के खिलाफ नही लड़ना चाहिए।
bsnleuchq@gmail.com 