Hindi translation of "5 million jobs lost between 2016 and 2018 - says a study of the Azim Premji University."
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार 2016 और 2018 के बीच 5 मिलियन नौकरियां खत्म हुई..
यह जानकारी बेहद आघातप्रद है कि 2016 और 2018 के बीच 5 मिलियन भारतीयों को अपनी नौकरियां खोनी पड़ी है। यह उल्लेख बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा कल जारी "स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया (SWI) 2019" की रिपोर्ट में किया गया है। आपको याद होगा कि नोटबन्दी (डीमोनेटायजेशन) नवंबर 2016 में लागू की गई थी। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की यह रिपोर्ट अर्थशास्त्रियों द्वारा लगाए गए "नोटबंदी की वजह से लाखों नौकरियां खत्म होने" के आरोपों की पुष्टि करती है। बेरोजगारी, राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने, हर वर्ष 2 करोड़ जॉब्स के सृजन का आश्वासन देकर सत्ता हासिल की थी। किन्तु अपने इस वादे की पूर्ति में वें बुरी तरह नाकाम हुए हैं।
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