वेज रिवीजन चर्चा: प्रबंधन पक्ष का नकारात्मक रवैया*
जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की चतुर्थ मीटिंग आज सम्पन्न हुई। आश्चर्यजनक रूप से मैनेजमेंट साइड ने मीटिंग की शुरुआत से ही नकारात्मक तरीके से बातचीत शुरू की। उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि DoT शायद 15% फिटमेंट को न स्वीकारे और संभवतः 0% या 5% फिटमेंट पर सहमत हो। इस पर स्टाफ साइड ने स्पष्ट रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 15% फिटमेंट से कम हमें किसी भी सूरत में स्वीकार नही होगा। विगत तीन मीटिंग्स में स्टाफ साइड के लीडर्स ने मैनेजमेंट साइड को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि किसी भी नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मी के प्रकरण में स्टेग्नेशन की स्थिति निर्मित न हो इस हेतु नॉन एग्जीक्यूटिव के पे स्केल के न्यूनतम और अधिकतम में माकूल अंतर होना चाहिए। इसके बावजूद, आज की मीटिंग में मैनेजमेंट साइड ने यह तर्क दिया कि न्यूनतम और अधिकतम में जितना संभव हो सके अंतर कम से कम रखा जाना चाहिए जिससे कि मैनेजमेंट को अनावश्यक रूप से पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के भुगतान में अधिक खर्च न करना पड़े। इसका स्टाफ साइड ने विरोध किया। पुरजोर विरोध करते हुए स्टाफ साइड ने तर्क प्रस्तुत किया कि जब मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव के लिए पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन हेतु बड़ी राशि के भुगतान हेतु तैयार है तो उन्हें केवल नॉन एग्जीक्यूटिव के भुगतान की ही चिंता क्यों है। स्टाफ साइड ने मैनेजमेंट की मानसिकता की निंदा की और कहा कि वे इस बात को कर्मचारियों के समक्ष रखेंगे और मैनेजमेंट साइड द्वारा अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड को एक्सपोज़ करेंगे। इसके बाद जॉइंट कमिटी के चेयरमैन श्री एच सी पंत ने हस्तक्षेप कर आश्वस्त किया कि वेज रिवीजन में नॉन एग्जीक्यूटिव के हितों का ध्यान रखा जाएगा। तत्पश्चात उन्होंने GM (SR) को नए पे स्केल से सम्बंधित मैनेजमेंट के प्रस्तावों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आज की मीटिंग में मैनेजमेंट साइड द्वारा प्रस्तावित नए पे स्केल्स निम्नानुसार है।
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