17 - Sep - 2020

*कॉर्पोरेट ऑफिस की एस आर ब्रांच को देरी से समझ आई..

दिनांक 02.07.2019 को  कॉर्पोरेट ऑफिस की एस आर ब्रांच द्वारा 8वें मेम्बरशिप वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक धरना, प्रदर्शन आदि पर प्रतिबंध के आदेश के साथ पत्र जारी किया गया था। यह पत्र BSNLEU और BSNLCCWF द्वारा  16.07.2019 को कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को वेजेस के एरीअर्स के भुगतान की मांग को ले कर किए जाने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए जारी किया गया था। BSNLEU ने माननीय मद्रास हाइकोर्ट में पिटीशन दायर कर न्यायसम्मत ट्रेड यूनियन गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के एस आर ब्रांच द्वारा जारी मनमानीपूर्ण आदेश के मामले में माननीय हाइकोर्ट के हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। माननीय मद्रास हाइकोर्ट ने 22.07.2019 को  एस आर ब्रांच द्वारा प्रदर्शन, धरना आदि पर प्रतिबंध के पत्र पर अंतरिम स्थगन आदेश जारी किए। इसके बावजूद एस आर ब्रांच ने तानाशाही पूर्ण तरीके से 24.07.2019 को एक और पत्र जारी किया जिसके तहत सभी CGMs को निर्देशित किया गया कि 16.07.2019 के धरने में शामिल होने वाले सभी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही, वेतन कटौती की जाए। इस पर BSNLEU ने CMD BSNL, DGM(SR), AGM(SR) को  माननीय हाइकोर्ट के आदेश की अवमानना के लिए मानहानि की कार्यवाही किए जाने बाबद नोटिस दिया। आज एस आर ब्रांच ने सभी CGMs को पत्र लिख कर सूचित किया कि माननीय मद्रास हाइकोर्ट ने पत्र दिनांक 02.07.2019 पर स्थगन आदेश दिए हैं। इस प्रकार, देर से ही सही, एस आर ब्रांच को समझ तो आई।