23 - Feb - 2023

बीएसएनएल कर्मचारियों को 05-04-2023 को नई दिल्ली में होने वाली मजदूर किसान रैली में क्यों भाग लेना चाहिए ।

सरकार ने बीएसएनएल कर्मचारियों के वेज रिवीजन को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि बीएसएनएल घाटे में चल रही है।  लेकिन, बीएसएनएल घाटे में क्यों चल रहा है ?  यह केवल सरकार की नीतियों के कारण है।  मोदी सरकार बीएसएनएल की 4G सेवा के आरंभ में अड़ंगा लगा रही है।  केवल सरकार की बीएसएनएल विरोधी नीतियों के कारण बीएसएनएल अपना 4G सेवा शुरू नहीं कर सका।  लेकिन, तमाम प्राइवेट कंपनियां अपनी 5G सर्विस लॉन्च कर रही हैं।  सरकार की नीति बीएसएनएल को एक बीमार कंपनी में बदलना और उसके बाद इसे अडानी या अंबानी जैसे किसी कॉर्पोरेट को सौंप देना है।  हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कैसे एयर इंडिया को सस्ते दाम पर टाटा के हाथों बेच दिया गया।  सरकार एलआईसी, बैंक, तेल कंपनियों आदि सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण के लिए गंभीर कदम उठा रही है। वहीं, भारत के बड़े कॉर्पोरेट सरकार की कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों के कारण सुपर प्रॉफिट कमा रहे हैं।  उदाहरण के लिए, 2014 में अडानी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 140वें स्थान पर था। लेकिन मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।  साथ ही मजदूरों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, असंगठित मजदूरों आदि को गरीबी में धकेला जा रहा है।  भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा के लिए और सरकार की मजदूर विरोधी, जनविरोधी और कारपोरेट समर्थक नीतियों को हराने के लिए मजदूरों और किसानों की एक विशाल रैली (मजदूर किसान रैली) दिनांक 05.04.2023 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है।  इस रैली में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बैंक, एलआईसी और बीएसएनएल के कर्मचारी भी हिस्सा ले रहे हैं । BSNLEU बीएसएनएल कर्मचारियों से इस रैली में व्यापक रूप से भाग लेने का आह्वान करता है।